



शिक्षा, स्वास्थ्य और सतत विकास के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाकर उन्हें एक उज्जवल और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना।

कृषि, बुनियादी ढांचे के विकास और सामुदायिक कल्याणकारी पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देना, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो।

शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना, जिससे आर्थिक स्वतंत्रता और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिले।
त्वरित लिंक्स
मन की बात (राम जानकी दरबार सेवा संस्थान)
कई संस्थाओं मैं सेवा करने के बाद इस बात को हम सब ने अनुभव किया कि अब हमें भी इस सेवा के पुनीत कार्य में जुड़ जाना चाहिए यही सोचकर और सब जगह से अनुभव करने के पश्चात समाज के हालात को देखते हुए हमने अपनी संस्था रजिस्टर्ड करवाई इस दौरान मैंने सोशल लाइफ लाइन फाउंडेशन से जुड़कर भी समाज कार्य किया तथा भविष्य में समाज की जरूरतों तथा जनता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में अपना जीवन निछावर करना चाहता हूं,जनता और समाज की दीर्घकालीन तथा जटिल और समसामयिक समस्याओं पर चर्चा करना समस्याओं को उजागर करना और समस्याओं पर शोध कार्य करने के पश्चात समस्याओं का स्थाई निराकरण करने में जनता और समाज की मदद लेकर समस्याओं का निराकरण करना संस्था का मुख्य एवं परम कर्तव्य है
सेवा की प्रेरणा: समाज के पीड़ितों के लिए मेरा संकल्प
लावारिस मरीज की तीमारदारी
स्कूली छात्रों का विकास
भूमिगत जल संरक्षण कार्यक्रम
सैनिकों के सम्मान में
जब मैं स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से समाज के पीड़ित लोगों की सेवा करता हूँ, तो यह केवल एक कार्य नहीं, बल्कि मेरे हृदय की गहराइयों से उपजा एक संकल्प होता है। मेरी मंशा केवल सहायता करना नहीं, बल्कि उन जिंदगियों में आशा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संचार करना है, जो तकलीफों के अंधकार में डूब चुकी हैं।
मुझे विश्वास है कि किसी भी समाज की सच्ची प्रगति तब होती है जब उसमें सबसे कमजोर और शोषित वर्ग को समान अवसर और गरिमा मिलती है। सेवा मेरे लिए केवल दया या परोपकार का विषय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है—एक ऐसा दायित्व, जिसे मैं निष्ठा और समर्पण से निभाने का प्रयास करता हूँ।
जब मैं किसी भूखे को भोजन देता हूँ, किसी निराश को सहारा देता हूँ, किसी बीमार के इलाज में सहयोग करता हूँ, या किसी वंचित बच्चे की शिक्षा का साधन बनता हूँ, तब मैं केवल उनकी भौतिक जरूरतें पूरी नहीं करता, बल्कि उनके भीतर उम्मीद की एक नई रोशनी जलाने का प्रयत्न करता हूँ। यह सेवा मेरे लिए आत्मसंतोष का साधन भी है और सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम भी।
मेरी आकांक्षा है कि मेरी यह सेवा औरों को भी प्रेरित करे, ताकि समाज में करुणा, सहयोग और मानवता की भावना और प्रबल हो। मेरा विश्वास है कि यदि हम सभी अपने-अपने स्तर पर पीड़ितों की सहायता के लिए आगे बढ़ें, तो एक समावेशी, न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज का निर्माण अवश्य ही संभव होगा।
“सेवा परमो धर्मः” – यही मेरे जीवन का मूलमंत्र है, और इसे अपने कर्मों के माध्यम से साकार करना ही मेरा परम लक्ष्य है।
मन की बात
कई संस्थाओं में सेवा करने के बाद इस बात को हम सब ने अनुभव किया कि अब हमें भी इस सेवा के पुनीत कार्य में जुड़ जाना चाहिए यही सोचकर और सब जगह से अनुभव करने के पश्चात समाज के हालात को देखते हुए हमने अपनी संस्था रजिस्टर्ड करवाई इस दौरान मैंने सोशल लाइफ लाइन फाउंडेशन से जुड़कर भी समाज कार्य किया तथा भविष्य में समाज की जरूरतों तथा जनता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में अपना जीवन न्यौछावर करना चाहता हूं,जनता और समाज की दीर्घकालीन तथा जटिल और समसामयिक समस्याओं पर चर्चा करना समस्याओं को उजागर करना और समस्याओं पर शोध कार्य करने के पश्चात समस्याओं का स्थाई निराकरण करने में जनता और समाज की मदद लेकर समस्याओं का निराकरण करना संस्था का मुख्य एवं परम कर्तव्य है
और सभी को इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए
लावारिस मरीज की तीमारदारी
1: संस्था वर्तमान समय में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में आने वाले लावारिस/निराश्रित मरीजों की सेवा कर रही है उनकी तीमारदारी कर रही है निम्न तरीके से कर रही हैं
2 : अस्पताल आने वाला मरीज लावारिस तब होता है जब वह बेहोश होता है सड़क दुर्घटना के पश्चात उसका सामान आदि सड़क पर आवारा घूमने वाले लुच्चे लफंगे चोरी कर लेते हैं उस सामान में उसकी आईडी और उसका पता भी होता है, अस्पताल पहुंचने पर बेहोश मरीज के बारे में संस्था के कार्यकर्ताओं को कुछ भी पता नहीं होता है, मरीज के धर्म तक का पता नहीं होता,एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर तक और एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक दौड़ भाग मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर आवश्यकतानुसार करनी पड़ती है , मरीज का ऑपरेशन करवाने में डॉक्टरों का सहयोग करना पड़ता है, मरीज स्ट्रेचर पर तथा बिस्तर पर अपने हाथ पैर अर्ध बेहोशी की हालत में पटकता रहता है तब उसके हाथ पैर पकड़ने पड़ते हैं
डॉक्टर तथा संस्था की कई दिनों की मशक्कत के बाद जब मरीज को होश आता है तब मरीज के बताए अनुसार उसके परिवार वालों से विभिन्न स्रोतों के माध्यम से संपर्क किया जाता है, तब परिवार के लोग संस्था को ढेरों आशीष देते हैं
थोड़ा लिखा है ज्यादा समझें|
स्कूली छात्रों का विकास कार्यक्रम
1 : कई बार देखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी पढ़ाई को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं होते हैं ,स्कूल की मेहनत एवं अभिभावकों का गुस्सा तथा डांट डपट भी बच्चों के अंदर पढ़ाई के प्रति रुचि नहीं पैदा कर पाती है,
1: ऐसी विकट स्थिति में बच्चे की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट से करवाना, और पता लगाना की बच्चे को किस स्तर पर समस्या आ रही है और क्यों वह पढ़ाई लिखाई पर ध्यान नहीं दे पा रहा है
2: जरूरत पड़ने पर बच्चे को मेडिकल ट्रीटमेंट देने के बारे में अभिभावकों का उचित मार्गदर्शन करना
3: बच्चे की रुचि का पता लगाना तथा विषय अनुसार शिक्षा दीक्षा के बारे में अभिभावकों का मार्गदर्शन करना जिससे बच्चा आने वाले समय में अपनी पसंद के अनुसार करियर का चुनाव कर सके और अपने जीवन में सफलता को प्राप्त करके अपने माता-पिता और देश का और समाज का नाम ऊंचा कर सके
4 : संस्था के इस कार्य का ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक विस्तार करना परम लक्ष्य है ताकि समाज को सही दिशा दी जा सके|
भूमिगत जल संचयन हेतु प्रयास
1 : पहले से लगे हुए भूमिगत जल संचयन प्रणाली की बारिश के पहले साफ सफाई तथा रिपेयरिंग करने का कार्य ताकि बारिश का पानी भूमिगत जल स्रोत में आसानी से जा सके बगैर किसी बाधा के
2 : भूमिगत जल संचयन हेतु बनाए जाने वाले टैंक का इस्तेमाल कई लोग गलत तरह से करते हैं उनके ऊपर कब्जा इत्यादि करके दुकान लगा लेते हैं,उनकी गतिविधियों पर रोक लगाना तथा उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करना
3 : वर्षा जल संचयन हेतु बनाए गए भूमिगत टैंक आदि की बारिश से पहले साफ सफाई करवाना ताकि निर्बाध रूप से बारिश का पानी भूमिगत जल स्रोत में जा सके
4 : सार्वजनिक हैंड पाइप तथा सार्वजनिक सबमर्सिबल लगी पानी की टंकियों पर भूमिगत जल शोधन टैंक बनवाना ताकि पानी नाली में बह जाने की अपेक्षा भूमिगत टैंक में में जाए और भूमिगत जल स्तर को बढ़ाया जा सके |
भारतीय सेना के सम्मान में
सेना में जो सैनिक शहीद हो जाते हैं उन सैनिकों के घर पर उस शहीद सैनिक के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में शहीद सैनिक की वीरगाथा का वर्णन, तथा वह किस यूनिट में किस पोस्ट पर थे, इसके बारे में बताना भजन कार्यक्रम तथा सम्मान समारोह आयोजित करना, यह कार्य शहीद सैनिक के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष उनके घर पर आयोजित किया जाएगा ताकि सेना का जनता से जुड़ाव और ज्यादा गहरा हो सके
संस्थापक सदस्य
Dr. Vivek Singh Rathore
(President)
राम जानकी दरबार सेवा संस्थान
Mr. Ankit Mehrotra
(Vice President)
राम जानकी दरबार सेवा संस्थान
Mr. Vinod Kumar Shukla
(General Secretary)
राम जानकी दरबार सेवा संस्थान
Shri Chandra Prakash Tiwari
(Treasurer)
राम जानकी दरबार सेवा संस्थान
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